World Meningitis Day 2019: जाने ये बीमारी होती है कितनी खतरनाक

World Meningitis Day 2019: जाने ये बीमारी होती है कितनी खतरनाक

 

मेनिनजाइटिस को दिमागी बुखार भी कहते हैं। ये एक खतरनाक बीमारी है, जो लक्षण दिखने के कुछ ही घंटे में व्यक्ति की जान ले सकती है। इस खतरनाक बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 24 अप्रैल को विश्व मेनिनजाइटिस दिवस (World Meningitis Day) के रूप में मनाया जाता है। ये रोग बैक्टीरिया के कारण फैलता है। दिमागी बुखार संक्रामक रोग है, जिसके वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कई माध्यमों से पहुंच सकते हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए बचपन में ही बच्चों को मेनिनजाइटिस के टीके लगाए जाते हैं। मेनिनजाइटिस या दिमागी बुखार होने पर इसका तुरंत इलाज जरूरी है, अन्यथा मामला गंभीर हो सकता है। आइए आपको बताते हैं क्या हैं मेनिनजाइटिस के लक्षण और कैसे कर सकते हैं इस रोग से बचाव।

 

 

मेनिनजाइटिस के लक्षण

मेनिनजाइटिस बीमारी, मरीज के खांसने, छींकने और खाने के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकती है। ये बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। आमतौर पर मेनिनजाइटिस में निम्न लक्षण दिखाई देते हैं।

  • अचानक से तेज बुखार आना
  • गर्दन अकड़ जाना
  • सामान्य से थोड़ा अलग सिरदर्द होना
  • तेज सिरदर्द के साथ मतली और उल्टी आना
  • किसी काम में ध्यान लगाने में परेशानी आना
  • बेचैनी महसूस होना
  • नींद महसूस होना और चलने में परेशानी होना
  • रोशनी को बर्दाश्त न कर पाना
  • भूख और प्यास न लगना
  • त्वचा पर रैशेज हो जाना

छोटे बच्चों में मेनिनजाइटिस के लक्षण

  • तेज बुखार आना
  • शिशु का लगातार रोना
  • शिशु को बहुत अधिक नींद आना या चिड़चिड़ापन लगना
  • सुस्ती और थकान
  • खाना-पीना छोड़ देना या दूध न पीना
  • बच्चे के सिर के हिस्से में उभार आना
  • शिशु के शरीर और गर्दन का अकड़ जाना

क्यों खतरनाक रोग है मेनिनजाइटिस?

मेनिनजाइटिस को खतरनाक रोग माना जाता है क्योंकि शरीर पर इसके कई हानिकारक प्रभाव देखने को मिलते हैं। हालांकि अगर सही समय पर इलाज किया जाए, तो मेनिनजाइटिस के रोगी को ठीक किया जा सकता है। मेनिनजाइटिस के कारण रोगी के शरीर में निम्न प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

  • सुनने की क्षमता हमेशा के लिए जा सकती है।
  • याद करने की क्षमता खत्म हो सकती है।
  • छोटे बच्चों को सीखने में परेशानी हो सकती है।
  • शिशु का दिमाग अविकसित या अल्पविकसित हो सकता है।
  • किडनी फेल होने का खतरा होता है।
  • कुछ मामलों में व्यक्ति की मौत भी हो जाती है।

कैसे कर सकते हैं मेनिनजाइटिस से बचाव

मेनिनजाइटिस से बचाव के लिए जरूरी है बुखार या शरीर में दर्द को आप सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज न करें। ये लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और शक होने पर खून की जांच कराएं। इसके अलावा घर में छोटे बच्चों सहित सभी सदस्यों को मेनिनजाइटिस का टीका जरूर लगवाएं। खांसते या छींकते समय मुंह पर रूमाल रखें और अपने आस-पास सफाई जरूर रखें। प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।

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